रविवार, 8 जनवरी 2012

मनोहर चमोली ‘मनु’ की कविताएं

संक्षिप्त परिचय
           इस  कवि से मेरी पहली मुलाकात भीमताल में उत्तराखंड स्कूली शिक्षा हेतु पाठ्पुस्तकों के लेखन के दौरान हुई। 01अगस्त1973 को उत्तराखण्ड के टिहरी जनपद में जन्में मनोहर चमोली ‘मनु’ एम.ए.हिंदी, बी.एड., विधि स्नातक एवं पत्रकारिता में स्वर्ण पदक प्राप्त कियाहै । इनकी प्रकाशित पुस्तकों में ‘हास्य-व्यंग्य कथाएं’, ‘उत्तराखण्ड की लोक कथाएं’, ‘किलकारी’, ‘यमलोक का यात्री’, ‘ऐसे बदला खानपुर’, ‘बदल गया मालवा’, ‘बिगड़ी बात बनी’, ‘खुशी’,‘अब बजाओ ताली,’ ‘बोडा की बातें’,  ‘सवाल दस रुपए का’, ‘ऐसे बदली नाक की नथ’  और ‘पूछेरी’  प्रमुख हैं।
              विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड की शिक्षक संदर्शिकाओं, पाठ्य पुस्तकों ‘भाषा रश्मि’, ‘बुरांश’  और ‘हंसी-खुशी’  का लेखन और संपादन। उत्तराखण्ड के लिए पंचायत प्रशिक्षण संदर्शिका का लेखन, सतत शिक्षा कार्यक्रम की प्रवेशिका का लेखन और राज्य संसाधन केन्द्र, उत्तराखण्ड की विभिन्न प्रवेशिकाओं में लेखन।  कहानी, कविता, नाटक, व्यंग्य, समीक्षा  में निरन्तर लेखन।
          विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड की कक्षा 5 की ‘हंसी-खुशी’ पाठ्य पुस्तक में पाठ रूप में कहानी ‘फूलों वाले बाबा’ सम्मिलित।
आकाशवाणी से निरंतर झलकियां, नाटक, कविताएं, कहानी और  वार्ताएं प्रसारित। पूर्व में मासिक पत्रिकाओं ‘गंग ज्योति’  का सह सम्पादन और ‘ज्ञान विज्ञान बुलेटिन’  का संपादन। दैनिक राष्ट्रीय सहारा  और सहारा समय  के पूर्व संवाददाता।  

    नंदन’,  ‘बाल हंस’, ‘पाठक मंच बुलेटिन’, ‘बाल भारती’, ‘‘बाल वाणी, ’चंपक’, ‘चकमक’, ‘बाल भास्कर’, ‘बच्चो का अखबार’, ‘बाल प्रहरी’  आदि में निरंतर बाल साहित्य लेखन। पत्र-पत्रिकाओं में प्रमुख रूप से ‘वागर्थ’, ‘आउट लुक’, ‘वर्तमान साहित्य’, ‘नवल’ ,‘रत्नांक’, ‘पंजाब केसरी’,‘अजीत समाचार’, ‘राष्ट्रीय सहारा’, ‘सहारा समय’, ‘राष्ट्रधर्म’, ‘पर्वत जन’,‘पर्वत पीयूष’, ‘युगवाणी’, ‘प्रौढ़ शिक्षा’, ‘सरोपमा’, ‘लोक गंगा’, ‘उत्तराखंड पोस्ट’, ‘सरस्वती सुमन’, ‘शुभ तारिका’, ‘इण्डिया टाइम्स’,‘समय साक्ष्य’,‘हिमालय विरासत’, ‘उत्तरा’, ‘उत्तरांचल’, ‘जय उत्तराखंड वीर’, ‘नारीत्व’  आदि में साहित्य की कई विधाओं का नियमित लेखन।
पुरस्कार एवं सम्मान- पत्रकारिता में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से स्वर्ण पदक, बाल साहित्य में पं0 प्रताप नारायण मिश्र-स्मृति युवा-साहित्यकार सम्मान 2011  और साक्षरता अभियान के सफल संचालन का राज्य संसाधन केन्द्र, उत्तराखण्ड सम्मान-2000।
संप्रति- राजकीय हाई स्कूल भितांईं, पौड़ी गढ़वाल में भाषा शिक्षक।

मनोहर चमोली ‘मनु’  की कविताएं  


 
















मैं ऐसा ही हूं

तुझसे कैसी यारी है
मुझको लगती भारी है
मत पूछो के तुम बिन मैंने
कैसे रात गुजारी है
नाहक मुझसे रूठ गया
इतनी दुनियादारी है?
ये सफर तो कट गया
अब चलने की तैयारी है
पीठ के पीछे बातें बातें
ये कैसी दिलदारी है
मेरा है तो खुलकर मिल
कैसी परदादारी है
बस इतना ही कहता हूं
जीती बाजी हारी है
मैं तो यारों ऐसा ही हूं
मेरी भी खुद्दारी है।

याद आना

चुप रहकर पछताना भी
खुद से फिर टकराना भी
पैर पटककर जाओगे हां
दबे पांव फिर आना भी
किन्तु-परन्तु अगर मगर
खास हैं बचकाना भी
जीवन की इस भागदौड़ में
कभी कभार याद आना भी

संपर्क-
 राजकीय हाई स्कूल, भितांई,पौड़ी गढ़वाल,पोस्ट                 
 बॉक्स-  23.पौड़ीगढ़वाल.246001.उत्तराखण्ड.                                         
 मोबाइल- 09412158688.-09897439791.                                              


4 टिप्‍पणियां:

  1. किन्तु-परन्तु अगर मगर
    खास हैं बचकाना भी
    जीवन की इस भागदौड़ में
    कभी कभार याद आना भी

    बहुत सुंदर.....

    सार्थक कविताओ के लिए कवि को बहुत बहुत हार्दिक बधाई।

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  2. कृपया बाल हंस का पूरा पता फोन न अर ई मेल का पता दें| प्रभुदयाल श्रीवास्तव‌

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  3. मेरा मो न 09713355846 है और् ई मेल pdayal_shrivastava@gmail.com प्रभुदयाल श्रीवास्तव‌

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